१. कर्म का सिद्धान्त क्या है?
जो वेदों के द्वारा प्रमाणित और प्रतिपादित किया गया होता है वही कर्म का सिद्धान्त होता है.
२. धर्म और कर्म के कितने रूप होते हैं?
धर्म और कर्म दोनों एक ही होता है. पर स्थान और समय और जो व्यक्ति इसकी साधना करता है आदि के अनुसार वे अनेक रूप लेते है.
३. जनता के सामान्य धर्म क्या होता है?
तीन भिन्न-भिन्न धर्म सामान्य होता है. वे व्यक्तिगत धर्म, कुल धर्म और राष्ट्रीय धर्म होता है.
४. धर्म से क्या प्रतिफल मिलता है?
धर्म का फल तो पुण्य या नैतिकता होता है जिससे प्रसन्नता प्राप्त होती है.
५. अधर्म क्या होता है?
वेदों के आदेश के विरुद्ध वाले कर्म को करना अधर्म कहा जाता है.
६. अधर्म के परिणाम क्या होते है?
अधर्म के परिणाम पाप या पातक होता है जो शोक की और ले जाताहै. |